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बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर जाने से पहले जान लें, आने वाले सप्ताह में कैसा रहेगा मौसम

➤ नारकंडा के हाटू पीक पर सीजन की पहली बर्फबारी, रोहतांग, छितकुल, पांगी और भरमौर की ऊंची चोटियां भी सफेद

➤ पांगी में 12.7 सेंटीमीटर ताजा हिमपात, कुकुमसेरी में तापमान माइनस 5 डिग्री

➤ 25 अक्तूबर को भी उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी के आसार, पर्यटकों को सलाह


शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट बदली है। प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नारकंडा स्थित हाटू पीक में सीजन की पहली बर्फबारी की खबर है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम के बदले मिजाज के बीच प्रदेश के कई अन्य पहाड़ी इलाकों में भी हिमपात हुआ है। लाहौल-स्पीति के रोहतांग दर्रे, किन्नौर के छितकुल और चंबा जिले के पांगी व भरमौर की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है।

हाटू पीक नारकंडा के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां बर्फबारी होने से सर्दियों के पर्यटन सीजन को लेकर पर्यटकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। हालांकि, हाटू पीक पर बर्फबारी की मात्रा और सड़क की मौजूदा स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

लाहौल-स्पीति में शनिवार को मौसम ने करवट बदली। रोहतांग दर्रे पर सुबह से हल्की बर्फबारी होती रही। अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से सिस्सू तक बर्फ के फाहे गिरे, जबकि कोकसर और डिंफुक में ओलावृष्टि हुई। लाहौल घूमने पहुंचे पर्यटक बर्फबारी देखकर उत्साहित नजर आए। किन्नौर जिले के छितकुल में भी शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बर्फबारी शुरू होने की सूचना मिली। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात और निचले इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

चंबा जिले के पांगी क्षेत्र में सचे जोत, सुसार हिल्स, हुड़ान और हिलौर की ऊंची चोटियों पर करीब 12.7 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं, भरमौर क्षेत्र में श्री मणिमहेश, कुगती, चौबिया, तुदांह, बड़ाग्रा, सामरा और क्वारसी की चोटियों पर करीब 5 सेंटीमीटर हिमपात हुआ। मौसम में बदलाव का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 25 अक्तूबर को प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग ने 24 और 25 अक्तूबर को भी प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और हिमपात की संभावना जताई थी। हाटू पीक, नारकंडा और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने की योजना बना रहे पर्यटकों को यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है। बर्फबारी के बाद पहाड़ी रास्तों पर फिसलन और दृश्यता कम होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।